दोस्तों ...........भारतीय भूमि की एक गरिमामयी भाषा भोजपुरी जिसकी उपेक्षा भारतीयों द्बारा ही सबसे ज्यादा हो रही है , को विदेशों में विशेष महत्त्व मिल रहा है ! विदित है की अभी हाल ही में भोजपुरी का एक अंतर्राष्ट्रीय महासम्मेलन मारीशस में सफलता पूर्वक आयोजित किया गया था जिसमे वहां के राष्ट्रपति अनिरुध्ध जगन्नाथ एवं प्रधानमन्त्री नवीन रामचंद्र गुलाम के साथ साथ पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जगदीश गोवेर्धन का विशेष सहयोग रहा ! कार्यक्रम में दुनिया के 25 देशों के 300 उच्च स्तरीय प्रतिनिधि भाग लिए ! उसी कार्यक्रम में भोजपुरी का अगला अंतर्राष्ट्रीय महासम्मेलन को हॉलैंड में कराने का प्रस्ताव भी रखा गया और विशेष बात यह है की यह प्रस्ताव स्वयं हॉलैंड सरकार की तरफ से आये प्रतिनिधियों ने रखा ! चार साल के अंतराल पर होने वाले भोजपुरी के इस महासंगम का 2013 में हॉलैंड में होना तय हो चुका है !
निश्चित ही यह भारत एवं भोजपुरिया लोगों के लिए गौरव की बात है परन्तु दुःख इस बात का है कि जब दुनिया के तमाम देश भोजपुरी को इतना महत्त्व दे रहे हैं तो भारत सरकार का इस भाषा से क्यों मोहभंग हो चुका है ?